भांग के सेवन से जुड़े रहस्य: जानिए यह किन 13 विकारों का इलाज करती है?

जानिए कैसे भांग, विभिन्न विकारों का समाधान हो सकती है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक चिकित्सा तक, सभी दिशाओं से जुड़ी रोचक जानकारी।

भांग के सेवन से जुड़े रहस्य: जानिए यह किन 13 विकारों का इलाज करती है?
भांग का पत्तियाँ

"भांग" जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'Cannabis Sativa' कहा जाता है, एक प्राचीन और परंपरागत दवा है जो भारतीय सांस्कृतिक और चिकित्सा तथ्यों में गहरा संबंध रखती है। इसे न केवल आयुर्वेद में उपयोग किया जाता है, बल्कि इसका समावेश धार्मिक और सामाजिक परिचय में भी होता है। 

भांग, अंग्रेजी में मारिजुआना (Marijuana) एक प्रकार का नशा है जो कई सजीव पौधों के पत्तियों और फूलों से बनता है। इसका उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं में होता है और यह विशेषत: भारतीय सांस्कृतिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में एक अहम भूमिका निभाता है।

भांग में मुख्य रूप से दो प्रमुख रासायनिक घटक होते हैं - टीएचसी (THC) और सीबीडी (CBD)। ये घटक न केवल मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लाभों को भी बढ़ावा देते हैं।

आयुर्वेद में भांग का अद्भुत स्थान है। यह प्राचीन चिकित्सा विधि में विभिन्न रोगों के इलाज के लिए प्रयुक्त होती है और शरीर की त्रिदोषों को संतुलित करने में सहायक है।

green cannabis leaves and black glass drops bottle

जानिए: भांग किन विकारों का इलाज करती है?

  1. कान का दर्द: कान के दर्द में भांग के पत्तों के अर्क की 2-2 बूंदें दोनों कानों में डालें।
  2. अनिद्रा: अनिद्रा को ठीक करने के लिए 5 ग्राम पत्तियों के चूर्ण को 1-2 ग्राम सर्पगंधा (राउवोल्फिया सर्पेंटिना) के चूर्ण के साथ प्रयोग करें। अंत में, नींद संबंधी विकारों से छुटकारा पाने के लिए रोजाना इस मिश्रण की कम खुराक लें।
  3. सिरदर्द: सिरदर्द के उपचार में, मारिजुआना की पत्ती के अर्क को सूंघें। सिरदर्द से राहत पाने के लिए आप भांग की पत्तियों के अर्क की 2-3 बूंदें नाक में भी डाल सकते हैं।
  4. हिस्टीरिया के लिए भांग और हींग: हिस्टीरिया रोग में हींग के साथ प्रयोग किया जाता है। दोनों का मिश्रण तैयार करें और प्रतिदिन मोती या मटर के बीज के बराबर मात्रा का उपयोग करें।
  5. खाँसी: खांसी ठीक करने के उपाय में भांग को त्रिकटु के साथ प्रयोग करें। त्रिकटु - सूखी अदरक (सोंठ), पिप्पली, और काली मिर्च। Read More: जानिए: खाँसी ठीक करने के 10 आश्चर्यजनक घरेलू उपचार
  6. पेचिश: पेचिश के इलाज में सौंफ का प्रयोग भांग चूर्ण के साथ करें। बार-बार मल त्यागने की समस्या के इलाज के लिए भी यह अच्छा है।
  7. अपच: यह पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाता है। भांग भूख बढ़ाने और पाचन संबंधी विकारों को ठीक करने में मदद करती है। इसमें अदरक (अदरक) और काली मिर्च (काली मिर्च) मिला लें। अंत में, पाचन विकारों को ठीक करने के लिए इस मिश्रण का उपयोग करें। इस मिश्रण को रोजाना आधा ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार सुबह और शाम शहद के साथ लें।
  8. जलवृषण: हाइड्रोसील (अंडकोष वृद्धि) के इलाज में इसकी पत्तियों का गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को अंडकोष पर बांधें।
  9. यूटीआई की समस्या: स्ट्रेंगुरी की समस्या को ठीक करने के लिए इसे अर्मेनियाई खीरे (हिंदी में काकड़ी बीज) के पाउडर के साथ प्रयोग करें। इसलिए इस मिश्रण का शरबत बनाकर पीने से स्ट्रेंग्युरी या अन्य यूटीआई विकार ठीक हो जाते हैं। दूसरा, यूटीआई की समस्या को ठीक करने के लिए अरंडी के तेल के साथ गांजे का पेस्ट तैयार करें और इसे मूत्राशय पर लगाएं।
  10. बांझपन: इसका उपयोग बांझपन की समस्या को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। बांझपन से निपटने के लिए मारिजुआना बीज पाउडर का उपयोग करें। रोजाना रात को 1 चम्मच दूध या पानी के साथ लें।
  11. वात रोग: गठिया के इलाज में रोजाना सुबह और शाम बीजों का चूर्ण दिन में दो बार प्रयोग करें।
  12. दर्द का इलाज: मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को ठीक करने के लिए 200 ग्राम सरसों के तेल में भांग के कुछ बीज डालकर उबालें। अंत में, मांसपेशियों के दर्द या वात विकारों को ठीक करने के लिए इस मिश्रण से मालिश करें। भांग का सेवन भी शारीरिक दर्द को कम करने में मदद करता है।
  13. घाव: घावों को ठीक करने के लिए भांग की कुछ पत्तियों को पानी में उबालें। अंत में इस पानी से घाव को धो लें।

कृपया इस दवा का उपयोग किसी स्वास्थ्य चिकित्सक की सलाह के बाद ही करें। अत:, भांग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी के साथ इन बेहतरीन घरेलू उपचारों को आज़माएं।

भांग का सही समय और मात्रा में सेवन 

भांग का सही समय और मात्रा में सेवन करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप सावधानीपूर्वक और सुधारित तरीके से इसका उपयोग करें। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, और उसकी आयु, लिंग, और सामाजिक स्थिति पर निर्भर कर सकता है, लेकिन यहां कुछ सामान्य मार्गदर्शन हैं:

  • समय का चयन:
    • भांग का सही समय शाम का होता है, जब व्यक्ति अपने दिनचर्या के अंत में आराम से समय बिता सकता है।
    • यह रात को सोने से पहले होना चाहिए, ताकि इसके प्रभाव को बढ़ाया जा सके सके और नींद में सुधार हो सके।
  • मात्रा का ध्यान रखें:
    • सही मात्रा का चयन करने के लिए व्यक्ति को अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखना चाहिए।
    • शुरुआत में कम मात्रा से आरंभ करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं, ताकि आप अपने शरीर के प्रति संवेदनशील रहें।
  • व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर ध्यान दें:
    • किसी भी रूग, गर्भावस्था, या अन्य चिकित्सीय स्थिति में होने पर पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
    • व्यक्तिगत प्रवृत्तियों और अनुकूल स्थितियों के आधार पर मात्रा को अनुकूलित करें।
  • सुरक्षित स्थान पर सेवन करें:
    • भांग का सेवन करने का स्थान सुरक्षित और अनुकूल होना चाहिए।
    • बीच बाजार या जनसमूह में नहीं, बल्कि अपने घर के अंदर या एक शांति पूर्ण स्थान पर करें।

ध्यान रखें कि भांग का सेवन एक सामाजिक साँस्कृतिक प्रथा भी है, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक और योग्यता के साथ करना चाहिए।

आधुनिक चिकित्सा में भी भांग का महत्व

आधुनिक चिकित्सा में भी भांग का महत्व है और इसका अध्ययन और अनुसंधान तेजी से बढ़ रहा है। भांग में मौजूद विभिन्न रासायनिक घटकों के कारण, इसका समय-समय पर और उचित मात्रा में सेवन करने से ब्रेन स्वास्थ्य पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है। तंतुक्रिया में सुधार हो, जिससे न्यूरॉन्स के बीच संवेदनशीलता में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, भांग के सेवन से स्त्रीयों के पीरियड्स के दर्द में कमी हो सकती है और कुछ मामलों में माइग्रेन का समाधान भी हो सकता है। आधुनिक चिकित्सा में इसके और भी अनेक गुण हो सकते हैं जो भविष्य में नई दवाओं और उपचार की दिशा में बदल सकते हैं।

भांग का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

भांग भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में विशेष पूजा और समर्पण के साथ उपयोग किया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन, भगवान शिव को भांग का प्रिय आहार माना जाता है और इसे उनकी पूजा में शामिल किया जाता है। धार्मिक दृष्टि से भी इसे मनोबल बढ़ाने और ध्यान में मदद करने का कारण माना जाता है। यह सांस्कृतिक आधार पर भी भांग को समर्थन मिलता है और लोग इसे समाज में स्वीकारते हैं। इसका उपयोग धार्मिक समारोहों और त्योहारों में रंग-बिरंगी प्रदर्शनी के रूप में भी होता है, जो सामाजिक और आत्मिक सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती देता है।

भांग की कानूनी स्थिति

भांग की कानूनी स्थिति भारत में विभिन्न राज्यों और संघ क्षेत्र में भिन्न-भिन्न हो सकती है। कुछ राज्यों में भांग का प्रयोग सार्वजनिक तौर पर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में ही सीमित है, जबकि कुछ राज्यों में इसे नियमित रूप से अनुमति प्राप्त है। संघ क्षेत्र में भी भांग की कानूनी स्थिति बदल सकती है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में इसका पूरी तरह से प्रतिबंध हो सकता है जबकि कुछ इसे मानव सेवा के उद्देश्य के लिए अनुमति देते हैं।

भांग के सेवन से जुड़ी चुनौतियों और विवादों

भांग के सेवन से जुड़ी चुनौतियों और विवादों का सामना करना भी महत्वपूर्ण है। यह आमतौर पर जुर्माने की स्थिति में आ सकता है यदि कोई व्यक्ति इसे नियमित रूप से सेवन करता है और यह कानूनी परिधानों के खिलाफ होता है।

इसके अलावा, समाज में इसकी गलत धारा से जुड़े मिथक और धार्मिक आस्थाएं भी हैं, जो लोगों के बीच विभिन्न मतों और मान्यताओं की ओर ले जा सकती हैं।

विवादों के बावजूद, कुशल प्रबंधन और उचित सावधानी से, भांग का सेवन सोशल और कल्चरल सामूहिकता में सही तरीके से स्थान मिल सकता है और इसे समाज में स्वीकृति प्राप्त हो सकती है।

निष्कर्ष

हमने देखा कि भांग किन विकारों का इलाज कर सकती है और इसका सामग्रीय सेवन करने से स्वास्थ्य को कैसे लाभ हो सकता है। इसके प्राचीन और सामाजिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, यह साबित होता है कि भांग का सेवन सावधानीपूर्वक और उचित मात्रा में किया जाए, तो यह वास्तविक और सकारात्मक तरीके से हमारे स्वास्थ्य को सुधार सकता है।

आम पूछे जाने वाले प्रश्न

  • भांग का सेवन सुरक्षित है?
    • भांग का सेवन सुरक्षित हो सकता है, परंतु सही मात्रा और तरीके का पालन करना महत्वपूर्ण है।
  • क्या भांग का सेवन करना नशाबद्ध है?
    • नहीं, भांग का सेवन नशाबद्ध नहीं होता है, यह धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में उपयोग होता है।
  • भांग का आयुर्वेदिक औषधीय महत्व क्या है?
    • भांग आयुर्वेदिक चिकित्सा में तनाव, दर्द, और अन्य समस्याओं के इलाज के लिए प्रयुक्त होती है।
  • क्या भांग का सेवन धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण है?
    • हाँ, भांग धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण है और कई धार्मिक आयोजनों में उपयोग होती है।
  • क्या भांग का सेवन करने से हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स?
    • हाँ, अधिक मात्रा में भांग का सेवन करने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे कि चक्कर, मतली, या उत्तेजना।
  • भांग की कानूनी स्थिति क्या है?
    • भांग की कानूनी स्थिति भारत में राज्यों के अनुसार बदल सकती है, कुछ राज्यों में इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकृति प्राप्त है, जबकि कुछ राज्यों में इस पर प्रतिबंध है।
  • भांग के सेवन से कौन-कौन से लाभ हो सकते हैं?
    • भांग के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य, और नींद में सुधार हो सकती है, जैसे कि तनाव कम होना और अच्छी नींद आना।
  • भांग का सेवन कैसे करें?
    • भांग का सेवन सही मात्रा में और सुरक्षित तरीके से करने के लिए, इसे थोड़ी मात्रा में और धीरे-धीरे आराम से सेवन करना चाहिए।
  • भांग का सेवन करने से किसे सही समय पर विफलता हो सकती है?
    • भांग का सेवन करने से पहले किसी भी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए, खासकर यदि कोई व्यक्ति किसी रोग से पीड़ित है जिसमें मस्तिष्क की कोई समस्या है।
  • भांग का सेवन किन-किन लोगों के लिए अनुशंसित नहीं है?
    • गर्भवती महिलाओं, नैतिकता की दृष्टि से असमर्थ व्यक्तियों, और किसी भी प्रकार के नैर्मल शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भांग का सेवन अनुशंसित नहीं हो सकता।

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